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Manusmriti Set Of 3 Vols. (मनुस्मृतिः 3 भागो में)

Original price was: ₹1,400.00.Current price is: ₹1,150.00.

Author Pt. Shree Jagannath Shastri Tailang
Publisher Bharatiya Vidya Prakashan, Delhi
Language Sanskrit & Hindi
Edition 2026
ISBN 978-81-217-0244-5
Pages 1651
Cover Paper Back
Size 14 x 4 x 22 (l x w x h)
Categories: ,

Description

मनुस्मृतिः 3 भागो में (Manusmriti Set Of 3 Vols.) भारतीय धर्मशास्त्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राचीन ग्रंथ है, जिसमें मानव जीवन के आचार-विचार, सामाजिक व्यवस्था, धर्म, कर्तव्य एवं न्याय संबंधी नियमों का विस्तृत वर्णन किया गया है।

यह संस्करण कुल्लूकभट्ट द्वारा रचित प्रसिद्ध संस्कृत टीका ‘मन्वर्थमुक्तावली’ तथा पंडित जगन्नाथ शास्त्री तैलंग द्वारा लिखित हिन्दी व्याख्या ‘तात्पर्यदीपिका’ के साथ प्रस्तुत किया गया है। इसमें मेधातिथि कृत ‘मनुभाष्य’ का भी आधार लिया गया है, जिससे यह ग्रंथ और अधिक प्रामाणिक एवं गहन बन जाता है।

यह ग्रंथ भारतीय विद्या प्रकाशन, दिल्ली द्वारा प्रकाशित किया गया है और संस्कृत एवं हिन्दी भाषा में उपलब्ध है। कुल 3 भागों में विभाजित इस पुस्तक में:

प्रथम भाग: अध्याय 1 से 3
द्वितीय भाग: अध्याय 4 से 8
तृतीय भाग: अध्याय 9 से 12

इस ग्रंथ में धर्म, सामाजिक नियम, वर्ण व्यवस्था, आश्रम धर्म, न्याय व्यवस्था, स्त्री-पुरुष कर्तव्य, राजधर्म एवं दण्ड विधान जैसे महत्वपूर्ण विषयों का विस्तारपूर्वक विवेचन किया गया है।

यह संस्करण विशेष रूप से शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं धर्मशास्त्र के गहन अध्ययन करने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

मनुस्मृतिः 3 भागो में (Manusmriti Set of 3 Vols.) पुस्तक का महत्त्व

  • भारतीय धर्मशास्त्र का प्रमुख एवं प्राचीन ग्रंथ
  • कुल्लूकभट्ट की ‘मन्वर्थमुक्तावली’ सहित प्रामाणिक संस्करण
  • हिन्दी व्याख्या ‘तात्पर्यदीपिका’ के साथ सरल समझ
  • सामाजिक, धार्मिक एवं नैतिक नियमों का विस्तृत वर्णन
  • शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के लिए उपयोगी
  • संस्कृत एवं हिन्दी दोनों भाषाओं में उपलब्ध