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Devi Sahastranam Stotram | देवीसहस्रनामस्तोत्रम्

Original price was: ₹150.00.Current price is: ₹100.00.

Author Dr. Devnarayan Sharma
Publisher Shri Kashi Vishwanath Sansthan
Language Sanskrit & Hindi
Edition 2026
ISBN 978-81-685408-8-0
Pages 144
Cover Paper Back
Size 14 x 4 x 22 (l x w x h)
Categories: ,

Description

देवीसहस्रनामस्तोत्रम् (Devi Sahastranam Stotram) देवी उपासना और शक्ति-साधना से सम्बन्धित महत्वपूर्ण ग्रन्थ है। प्रस्तुत संस्करण श्री काशी विश्वनाथ संस्थान, वाराणसी द्वारा प्रकाशित किया गया है। इसके सम्पादक एवं व्याख्याकार डॉ. देवनारायण शर्मा ‘आचार्य’ हैं। यह पुस्तक संस्कृत एवं हिन्दी भाषा में उपलब्ध है और इसमें देवी के विभिन्न स्वरूपों, नामों, स्तोत्रों तथा पूजन-साधना सम्बन्धी सामग्री को एक साथ प्रस्तुत किया गया है।

इस ग्रन्थ में दुर्गा माता के भव्य रेखाचित्रों के साथ श्रीदुर्गायन्त्रसाधनाक्रम, श्रीशतचण्डीपूजाक्रमः, श्रीदुर्गापूजनम्, श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनाम, ब्रह्माण्डविजयाख्यं देवीकवचम्, अर्गलास्तोत्रम्, दकारादिदुर्गासहस्रनामावलिः, रुद्रयामलतन्त्रोक्त भवानीसहस्रनामावली, दुर्गाचालीसा एवं आरती आदि सामग्री दी गई है।

ग्रन्थ की भूमिका में शक्ति-तत्त्व का दार्शनिक एवं आध्यात्मिक विवेचन किया गया है। इसमें शक्ति को सृष्टि, स्थिति एवं संहार की मूल आधारभूत शक्ति के रूप में समझाया गया है तथा देवी के विभिन्न स्वरूपों—दुर्गा, काली, लक्ष्मी, सरस्वती, पार्वती आदि—की उपासना की व्यापक परम्परा का परिचय मिलता है।

शक्ति और शक्तिमान की अभिन्नता, देवी की सर्वव्यापकता, दशमहाविद्याओं का परिचय तथा देवीभागवत, देव्यथर्वशीर्ष, दुर्गासप्तशती और सौन्दर्यलहरी आदि परम्पराओं में वर्णित शक्ति-तत्त्व के संदर्भ इस पुस्तक को केवल स्तोत्र-संग्रह तक सीमित नहीं रखते, बल्कि इसे शाक्त परम्परा और देवी-उपासना के अध्ययन के लिए उपयोगी ग्रन्थ बनाते हैं।

नवरात्र, दुर्गापूजन, देवी-जागरण तथा विभिन्न शक्ति-आराधना के अवसरों पर उपयोगी सामग्री एक ही पुस्तक में उपलब्ध होने के कारण यह ग्रन्थ साधकों, भक्तों, अध्येताओं और सनातन धर्म की उपासना-पद्धतियों में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उपयोगी है।

देवीसहस्रनामस्तोत्रम् (Devi Sahastranam Stotram) पुस्तक का महत्त्व

  • देवी उपासना का महत्वपूर्ण ग्रन्थ — इसमें देवी के सहस्रनाम, नामावली और विभिन्न स्तोत्रों का संकलन किया गया है।
  • शक्ति-तत्त्व का विवेचन — ग्रन्थ की भूमिका में शक्ति और परमात्मा के सम्बन्ध तथा शक्ति की व्यापकता को दार्शनिक दृष्टि से समझाया गया है।
  • एक ही पुस्तक में अनेक उपासना-पाठ — दुर्गायन्त्र साधना, दुर्गापूजन, शतचण्डी पूजाक्रम, देवीकवच, अर्गलास्तोत्र, सहस्रनामावली, चालीसा और आरती जैसी सामग्री एक साथ मिलती है।
  • नवरात्र एवं दुर्गापूजन में उपयोगी — देवी आराधना से जुड़े विभिन्न धार्मिक अवसरों पर पुस्तक उपयोगी संदर्भ प्रदान करती है।
  • शाक्त परम्परा का परिचय — दुर्गा, काली, पार्वती, लक्ष्मी, सरस्वती और दशमहाविद्याओं सहित देवी के विविध स्वरूपों की उपासना-परम्परा को समझने में सहायता मिलती है।
  • संस्कृत एवं हिन्दी पाठकों के लिए उपयोगी — संस्कृत सामग्री के साथ हिन्दी व्याख्या होने से पाठ को समझना अपेक्षाकृत सरल हो जाता है।
  • धार्मिक एवं आध्यात्मिक अध्ययन — देवीभागवत, दुर्गासप्तशती, देव्यथर्वशीर्ष और सौन्दर्यलहरी जैसे परम्परागत स्रोतों के संदर्भ शक्ति-उपासना के अध्ययन को व्यापक बनाते हैं।