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Shri Vidya Saparya Paddhati Book | श्रीविद्यासपर्यापद्धति: | श्रीचक्र साधना ग्रन्थ

Original price was: ₹175.00.Current price is: ₹145.00.

Author Brahmasri N. Subramania Iyer Avl.
Publisher The Bharatiya Vidya Prakashan
Language Sanskrit
Edition 2nd edition, 2022
ISBN 978-93-88415-42-2
Pages 204
Cover Paper Back
Size 12 x 2 x 18 (l x w x h)
Categories: ,

Description

श्रीविद्यासपर्यापद्धति: (Shri Vidya Saparya Paddhati) श्रीविद्या साधना, श्रीचक्र पूजा तथा नवावरण पूजन की प्रामाणिक एवं विस्तृत विधियों को प्रस्तुत करने वाला एक महत्त्वपूर्ण तांत्रिक ग्रन्थ है। यह ग्रन्थ द भारतीय विद्या प्रकाशन, वाराणसी द्वारा प्रकाशित किया गया है तथा ब्रह्मश्री सुब्रह्मण्यार्याह्वयेन द्वारा संकलित है। पुस्तक पेपरबैक संस्करण में उपलब्ध है, जिसमें कुल 186 पृष्ठ हैं।

यह ग्रन्थ विशेष रूप से उन साधकों, उपासकों और शोधार्थियों के लिए अत्यन्त उपयोगी है जो श्रीविद्या उपासना, श्रीचक्र साधना और अद्वैत तत्त्वज्ञान को गहराई से समझना चाहते हैं। इसमें श्रीविद्या पूजा की परम्परागत दक्षिण भारतीय पद्धति को प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत किया गया है।

पुस्तक में श्रीसूक्त, दुर्गासूक्त, स्तोत्र, नवावरण पूजा-विधान, श्रीचक्र में देवताओं की स्थिति, पंचदशी मन्त्र, देवी उपासना तथा तांत्रिक साधना के अनेक गूढ़ रहस्यों का विस्तृत वर्णन मिलता है।

इस ग्रन्थ की विशेषता यह है कि इसमें केवल पूजा-विधि ही नहीं, बल्कि श्रीविद्या और अद्वैत दर्शन की गहन आध्यात्मिक व्याख्या भी प्रस्तुत की गई है। ग्रन्थ में यह प्रतिपादित किया गया है कि श्रीदेवी, श्रीचक्र और पंचदशाक्षरी मन्त्र तीनों एक ही परम तत्त्व के भिन्न-भिन्न स्वरूप हैं।

आदि शंकराचार्य, भास्करराय, नटनानन्द, लक्ष्मीधर आदि महान आचार्यों की परम्परा से सम्बद्ध विचारों एवं व्याख्याओं को भी इसमें स्थान दिया गया है। पुस्तक में प्रकाशित ललिता सहस्रनामावली को विशेष रूप से शुद्ध, व्याकरणसम्मत तथा पारम्परिक पद्धति के अनुसार प्रस्तुत किया गया है।

श्रीविद्या साधना के गंभीर विद्यार्थियों एवं देवी उपासकों के लिए यह पुस्तक एक विश्वसनीय मार्गदर्शक और संग्रहणीय ग्रन्थ है।

श्रीविद्यासपर्यापद्धति: (Shri Vidya Saparya Paddhati) पुस्तक का महत्त्व

  • श्रीविद्या उपासना एवं नवावरण पूजा की प्रामाणिक विधि प्रदान करती है।
  • श्रीचक्र साधना के गूढ़ तांत्रिक रहस्यों का विस्तृत वर्णन करती है।
  • श्रीसूक्त, दुर्गासूक्त एवं ललिता सहस्रनाम का शुद्ध पाठ उपलब्ध कराती है।
  • अद्वैत दर्शन एवं शक्ति उपासना के समन्वय को स्पष्ट करती है।
  • साधकों, शोधार्थियों एवं तंत्र-अध्येताओं के लिए अत्यन्त उपयोगी ग्रन्थ।
  • दक्षिण भारतीय परम्परा पर आधारित शुद्ध एवं त्रुटिरहित पूजा-विधान प्रस्तुत करती है।
  • श्रीचक्र में देवताओं की स्थिति दर्शाने वाले उपयोगी चित्र एवं आरेख सम्मिलित हैं।