Shiv Samhita Book | शिव संहिता
Original price was: ₹351.00.₹260.00Current price is: ₹260.00.
| Author | Acharya Shivanand Mishr |
| Publisher | Shri Kashi Vishwanath Sansthan |
| Language | Sanskrit & Hindi |
| Edition | 2026 |
| ISBN | 978-81-685408-0-4 |
| Pages | 312 |
| Cover | Paper Back |
| Size | 14 x 4 x 22 (l x w x h) |
Description
शिव संहिता (Shiv Samhita) योग और आत्मज्ञान पर आधारित एक प्राचीन एवं अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें भगवान शिव द्वारा योगविद्या का उपदेश दिया गया है। यह ग्रंथ श्रीकाशी विश्वनाथ संस्थान, वाराणसी द्वारा प्रकाशित एवं आचार्य शिवानंद मिश्र द्वारा संपादित है।
इस पुस्तक में कुण्डलिनी, चक्र, नाड़ी, प्राणायाम, योगाभ्यास तथा आत्मबोध जैसे गूढ़ विषयों को सरल भाषा में समझाया गया है। पाँच पटल (भागों) में विभाजित यह ग्रंथ साधक को सिद्धांत से लेकर अभ्यास तक का मार्ग दिखाता है।
प्रथम पटल में लययोग का वर्णन है, जबकि द्वितीय पटल शरीर की सूक्ष्म संरचना जैसे इड़ा, पिङ्गला और सुषुम्णा नाड़ियों का विवेचन करता है। कुण्डलिनी शक्ति का जागरण और उसका महत्व भी विस्तार से बताया गया है। तृतीय पटल योगाभ्यास, प्राणायाम और साधना के व्यावहारिक पक्ष को प्रस्तुत करता है, जहाँ गुरु की महिमा और साधक के आचरण पर विशेष बल दिया गया है। चतुर्थ पटल में विभिन्न मुद्राएँ और बन्ध तथा पंचम पटल में योग मार्ग के विघ्नों और उनसे बचने के उपाय बताए गए हैं।
यह ग्रंथ साधक को केवल योग अभ्यास ही नहीं, बल्कि आत्मा, प्राण और मन के एकत्व का अनुभव कराने की दिशा में मार्गदर्शन करता है।
शिव संहिता (Shiv Samhita) पुस्तक का महत्त्व
- कुण्डलिनी योग और चक्रों का प्रामाणिक ज्ञान
- योगाभ्यास और प्राणायाम की स्पष्ट विधि
- आत्मज्ञान एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्गदर्शन
- साधकों एवं योग प्रेमियों के लिए उपयोगी ग्रंथ
- गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व समझाता है







